11 अगस्त 2022 को रिलीज़ हुई फिल्म “Raksha Bandhan” रक्षाबंधन के त्योहार के मौके पर सिनेमाघरों में उतरी थी। डायरेक्टर आनंद एल. राय की इस फैमिली ड्रामा में अक्षय कुमार लीड रोल में नज़र आए, जिनके साथ भूमि पेडनेकर, सादिया खतीब, सहजमीन कौर, स्मृति श्रीकांत और दीपिका खन्ना जैसे कलाकार भी अहम भूमिकाओं में थे। यह फिल्म भाई-बहन के रिश्ते की भावनात्मक कहानी कहने की कोशिश करती है, लेकिन रिलीज़ के बाद इसे लेकर क्रिटिक्स और दर्शकों दोनों की राय बंटी हुई नज़र आई। आइए विस्तार से जानते हैं फिल्म की कहानी, एक्टिंग, पब्लिक रिव्यू, रेटिंग और बॉक्स ऑफिस पर इसका असर।
फिल्म की कहानी (Story)
“Raksha Bandhan” की कहानी दिल्ली के चांदनी चौक इलाके में बसे लाला केदारनाथ (अक्षय कुमार) के इर्द-गिर्द घूमती है, जो अपनी ‘प्रेम लता चाट भंडार’ नाम की दुकान चलाते हैं। कहानी की शुरुआत में लाला अपनी मरणासन्न मां को वचन देते हैं कि वे अपनी चार छोटी बहनों की शादी अच्छे घरों में करवाएंगे, तभी वे अपनी प्रेमिका सपना (भूमि पेडनेकर) से शादी करेंगे। इसके बाद फिल्म दिखाती है कि किस तरह दहेज प्रथा और सामाजिक दबाव के चलते लाला को अपनी बहनों के रिश्ते तय करने में एक के बाद एक मुश्किलें आती हैं। हर बहन का अपना स्वभाव और अपनी कहानी है, और लाला हर बार नए हालात से जूझते नज़र आते हैं।
फिल्म का पहला हिस्सा ज़्यादातर कॉमेडी और हल्के-फुल्के पारिवारिक ड्रामा पर टिका है, जबकि दूसरा हिस्सा भावुक मोड़ लेते हुए दर्शकों को इमोशनल कर देने की कोशिश करता है। कई क्रिटिक्स ने माना कि फिल्म का सेकंड हाफ पहले हिस्से के मुकाबले कहीं ज़्यादा असरदार और दिल को छू लेने वाला है। हालांकि, कहानी के केंद्र में दहेज जैसे संवेदनशील विषय को जिस तरह पेश किया गया, उसे लेकर एक बड़ा तबका असहज भी नज़र आया, क्योंकि कई समीक्षकों ने इसे आज के दौर के हिसाब से पुराने और दकियानूसी नज़रिए वाला बताया।
स्टार कास्ट और डायरेक्शन
फिल्म का निर्देशन आनंद एल. राय ने किया है, जो इससे पहले “तनु वेड्स मनु” और “ज़ीरो” जैसी फिल्में बना चुके हैं। स्क्रीनप्ले और डायलॉग्स हिमांशु शर्मा और कनिका ढिल्लों ने लिखे हैं। फिल्म का निर्माण केप ऑफ गुड फिल्म्स और कलर येलो प्रोडक्शंस के बैनर तले हुआ, जबकि इसे ज़ी स्टूडियोज़ ने वितरित किया। संगीत हिमेश रेशमिया ने दिया, जबकि बैकग्राउंड स्कोर ईशान छाबड़ा का है।
मुख्य कलाकारों में शामिल हैं:
- अक्षय कुमार (लाला केदारनाथ)
- भूमि पेडनेकर (सपना)
- सादिया खतीब (गायत्री)
- सहजमीन कौर (सरस्वती)
- स्मृति श्रीकांत (लक्ष्मी)
- दीपिका खन्ना (दुर्गा)
- सीमा पाहवा और नीरज सूद सहयोगी भूमिकाओं में
एक्टिंग रिव्यू (Acting Review)
अगर एक्टिंग की बात करें, तो अक्षय कुमार की परफॉर्मेंस को ज़्यादातर समीक्षकों और दर्शकों ने सराहा। कई क्रिटिक्स ने लिखा कि अक्षय इस किरदार में पूरी तरह उतरे हुए नज़र आए और उन्होंने इमोशनल सीन्स में खासतौर पर अच्छा काम किया, जो उनकी पिछली फिल्म “सम्राट पृथ्वीराज” के मुकाबले कहीं बेहतर फॉर्म दिखाता है। भूमि पेडनेकर ने भी अपने किरदार में मेहनत की, हालांकि कुछ समीक्षकों ने महसूस किया कि उनके किरदार को उतनी गहराई नहीं दी गई जितनी दी जा सकती थी—उन्हें ज़्यादातर सिर्फ हीरो की प्रेमिका के तौर पर ही दिखाया गया, उनके प्रोफेशन या व्यक्तित्व पर ज़्यादा फोकस नहीं किया गया।
चारों बहनों की भूमिका निभाने वाली सादिया खतीब, सहजमीन कौर, स्मृति श्रीकांत और दीपिका खन्ना की एक्टिंग को भी दर्शकों और कई क्रिटिक्स ने सराहा। इन कलाकारों ने अपने किरदारों में ताज़गी भरने की अच्छी कोशिश की। सीमा पाहवा का काम भी दमदार रहा, हालांकि उनके किरदार को फिल्म के बीच में अचानक गायब कर दिया गया, जिसे कुछ समीक्षकों ने खामी माना।
क्रिटिक्स रिव्यू और रेटिंग (Critics Review & Rating)
फिल्म को लेकर समीक्षकों की राय काफी अलग-अलग रही। कुछ प्रमुख भारतीय ट्रेड पोर्टल्स ने फिल्म को औसत से बेहतर रेटिंग दी, इसे एक भावनात्मक पारिवारिक कहानी बताते हुए जिसका दूसरा हाफ फिल्म को संभाल लेता है। दूसरी तरफ, कई अंतरराष्ट्रीय और भारतीय समीक्षकों ने फिल्म की सामाजिक सोच पर सवाल उठाए। कुछ आलोचकों ने इसे “पुराने ज़माने की सोच वाली फिल्म” कहा और दहेज प्रथा को जिस अंदाज़ में दिखाया गया, उसे लेकर तीखी आलोचना की।
रॉटन टोमेटोज़ जैसी अंतरराष्ट्रीय रेटिंग वेबसाइट पर फिल्म को क्रिटिक्स की तरफ से बेहद कम स्कोर मिला, जबकि सामान्य दर्शकों (ऑडियंस) की रेटिंग इससे कहीं बेहतर रही—यानी आम दर्शकों ने फिल्म को क्रिटिक्स के मुकाबले ज़्यादा पसंद किया। यह अंतर दिखाता है कि फिल्म को लेकर पेशेवर समीक्षकों और आम दर्शकों की राय में साफ फासला था। भारतीय दर्शकों में एक तबका ऐसा भी रहा जिसने फिल्म को भाई-बहन के रिश्ते पर बनी एक इमोशनल और पारिवारिक कहानी के तौर पर एंजॉय किया और इसे परिवार के साथ देखने लायक फिल्म बताया।
पब्लिक रिव्यू (Public Review)
रिलीज़ के दिन ही सोशल मीडिया पर #RakshaBandhanReview ट्रेंड करने लगा था। कई दर्शकों ने फिल्म को लेकर सकारात्मक प्रतिक्रिया दी और अक्षय कुमार की परफॉर्मेंस, फिल्म की डायरेक्शन और स्क्रीनप्ले की तारीफ की। कुछ यूज़र्स ने इसे परिवार के साथ देखी जाने वाली एक भावुक फिल्म बताया, जबकि कुछ ने इसे अपने पिछले सालों की सबसे खास रक्षाबंधन फिल्मों में गिना।
वहीं दूसरी तरफ, एक बड़ा वर्ग ऐसा भी रहा जिसने फिल्म की आलोचना की। कई दर्शकों ने महसूस किया कि फिल्म की कहानी बहुत पुरानी लगती है और इसमें नयापन नहीं है। कुछ ने यह भी कहा कि फिल्म की शुरुआत हल्के-फुल्के मज़ाक और हास्य से भरी लगती है, लेकिन आगे चलकर यह भावनात्मक पल पैदा करने में उतनी कामयाब नहीं हो पाती जितनी उम्मीद थी, क्योंकि कहानी बहुत जल्दी-जल्दी आगे बढ़ती चली जाती है और किरदारों के साथ जुड़ने का पूरा मौका दर्शकों को नहीं मिल पाता। फिल्म के आखिरी हिस्से को भी कुछ दर्शकों ने जल्दबाज़ी में खत्म किया गया महसूस किया।
गाने भी चर्चा का विषय रहे—फिल्म में कई गाने रखे गए हैं, जिनमें से “तेरे साथ हूं मैं” को दर्शकों और समीक्षकों दोनों ने सबसे ज़्यादा पसंद किया और इसे खूबसूरती से फिल्माया गया माना गया। हालांकि कुछ दर्शकों ने महसूस किया कि फिल्म में गानों की संख्या ज़रूरत से ज़्यादा है, जिससे कहानी की रफ्तार पर असर पड़ता है।
विवाद और बॉयकॉट ट्रेंड
रिलीज़ से पहले और बाद में फिल्म को कुछ विवादों का भी सामना करना पड़ा। सोशल मीडिया पर एक तबके ने फिल्म के बॉयकॉट की मांग करते हुए ट्रेंड चलाया, जिस पर खुद अक्षय कुमार ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा था कि अगर किसी को फिल्म देखने का मन नहीं है, तो वे न देखें। इस तरह के विवादों का असर भी फिल्म की शुरुआती कमाई और उसके माहौल पर पड़ा, हालांकि यह कहना मुश्किल है कि इसका कितना प्रत्यक्ष असर बॉक्स ऑफिस नंबरों पर पड़ा।
बॉक्स ऑफिस पर असर: हिट या फ्लॉप?
फिल्म रिलीज़ के दिन आमिर खान की बहुचर्चित फिल्म “लाल सिंह चड्ढा” के साथ सीधी टक्कर में उतरी थी, जिससे दोनों फिल्मों के बीच दर्शकों और स्क्रीन्स का बंटवारा हुआ। “Raksha Bandhan” ने शुरुआत में ठीक-ठाक कमाई की, लेकिन दूसरे हफ्ते में इसकी रफ्तार काफी धीमी पड़ गई। फिल्म का कुल भारत नेट कलेक्शन करीब 44 करोड़ रुपये के आसपास रहा, जबकि दुनियाभर में इसका कुल कलेक्शन लगभग 61-62 करोड़ रुपये तक पहुंचा। फिल्म का बजट करीब 70 करोड़ रुपये बताया गया था, जिसकी तुलना में यह कमाई काफी कम रही।
इन आंकड़ों के आधार पर ट्रेड एनालिस्ट्स और बॉक्स ऑफिस ट्रैकर्स ने “Raksha Bandhan” को कमर्शियली फ्लॉप फिल्मों की श्रेणी में रखा। यानी क्रिटिक्स रेटिंग और पब्लिक रिव्यू में मिली-जुली प्रतिक्रिया के बावजूद, फिल्म बॉक्स ऑफिस पर अपने बजट के मुताबिक कमाई करने में नाकाम रही।
निष्कर्ष (Conclusion)
कुल मिलाकर, “Raksha Bandhan” एक ऐसी फिल्म साबित हुई जिसने भाई-बहन के रिश्ते की भावनात्मक कहानी कहने की कोशिश तो ज़रूर की, लेकिन कहानी में नयापन न होने और कुछ पुराने सामाजिक विचारों को दिखाने के तरीके ने इसे आलोचनाओं का शिकार बनाया। अक्षय कुमार की एक्टिंग को लेकर सभी की राय एक जैसी रही—यानी उनकी परफॉर्मेंस फिल्म का सबसे मजबूत पक्ष मानी गई। वहीं दूसरी ओर, कहानी और स्क्रीनप्ले को लेकर दर्शकों और क्रिटिक्स दोनों में बंटी हुई राय देखने को मिली। अगर आप एक हल्की-फुल्की, इमोशनल फैमिली ड्रामा देखना चाहते हैं और अक्षय कुमार के फैन हैं, तो यह फिल्म एक बार देखी जा सकती है, लेकिन अगर आप कुछ नयापन और गहराई वाली कहानी की उम्मीद रखते हैं, तो शायद यह फिल्म आपकी उम्मीदों पर पूरी तरह खरी न उतरे।
